संगम अस्पताल के खिलाफ खोल मोर्चा सभी निजी अस्पतालों को बन्द कर जल्द करे कार्यवाही प्रशाशन.

अलीराजपुर से नितेश अलावा...✍
दिनांक 29 सितम्बर को संगम अस्पताल बड़ौली अलीराजपुर के ही ब्रांच जिसे संगम अस्पताल अलीराजपुर से रेफर कर नाहरिया नामक व्यक्ति निवासी डूंगरगाँव(कट्ठीवाड़ा)को बड़ौली भर्ती किया गया जहा पथरी के इलाज के बहाने लंग्स का ओपरेसन कर दिया गया जिससे उसकी मृत्यु हो गयी।
मृत्यु के 2 दिन बाद तक परिवारजन को न मिलने दिया जा रहा था न बताया गया,विवाद करने पर मिलने गए तो मरीज मृत अवस्था में पाया गया।
ये देखकर परिवारजनो को गुस्सा आया उन्होंने कारण पूछा तो मामला वही निपटाने की बात कर फ़ीस न लेने की बात सुनकर जेसे तैसे परिवारजनो द्वारा शव को लेकर अलीराजपुर आये इस दौरान इलाज सबंधी फ़ाइल भी नही दी गयी। संगम अस्पताल पहुचकर डॉ0से कारण पूछने की कोशिस की तो पुलिस को बुला लिया थाणे ले जाते वक़्त फिरसे अलीराजपुर संगम अस्पताल के एक सदस्य द्वारा 50 लाख देने की बात कहकर मामला निपटाने की बात कही।इसके बाद पूरा घटनाक्रम जयस अलीराजपुर को पता चला तो थाणे से PM और फोरेंसिक जांच की मांग की गयी दिनांक 30 सितम्बर को 11 बजे PM हुआ जिसमे पेनल के डॉ0 द्वारा पथरी,लंग्स नही बल्कि अलग ही आत संक्रमण से मृत्यु होना बताया गया।
इसके बाद आदिवास समाज के लोगो द्वारा तत्काल स्थिति समझ आगयी उन्होंने संगम अस्पताल के सामने रोड जाम कर जिला प्रशाशन से इस मौत के तांडव को तत्काल रोकने के लिए बन्द करने की मांग की गयी और जिले में संचालित सभी निजी अस्पतालों पर नजर रखकर गलत तरीके से संचालित अस्पतालों क्लीनिक को बन्द कर कार्यवाही करने के लिए कहा गया।
आदिवासी बाहुल्य जिलो में अज्ञान आदिवासियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वालो को नही बक्शा जाएगा वही जिलेवासी सरकारी अस्पताल की कार्यप्रणाली से भी नाराजगी जताई और सुधार लाने को कहा है।2 घण्टे लगभग जाम के बाद
अपर कलेक्टर श्री वर्मा,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा अलावा,SDM श्री ठाकुर,तहसीलदार खतेड़िया,SDOP,TI दिनेश सोलंकी, से बातचीत के दौरान बहस हुई जिसके बाद चेतावनी दी गयी है,समय सीमा में
यदि संगम अस्तपाल दोषी है तो बड़ौली और अलीराजपुर दोनों जगह उसे बन्द करके सजा दी जाए वरना आगामी समय में बड़ा आंदोलन होगा,सम्पत्ति को नुकसान पहुचाने की नियत हमारी नही लेकिन यदि ऐसा चलता रहा तो होगा,जिसकी जिम्मेदारी शाशन प्रशाशन की होगी जिन्होंने इनको शरण दे रखी है।

अलीराजपुर