मानव जीवन ही माध्यम है मोक्ष मार्ग का - श्री ऋषभचंद्र सूरी जी

आचार्य श्री ऋषभचंद्र सूरी जी म का मंगल प्रवेश

क़ुक्षी । मनुष्य अपने सद्कर्मो से अपने जीवन का उद्धार कर मोक्ष प्राप्त कर सकता है मोक्ष मार्ग सिर्फ मानव योनि द्वारा ही तय होता है * उक्त उदगार 14 वर्ष के अंतराल में क़ुक्षी नगर आये ज्योतिषाचार्य आचार्य श्री ऋषभचंद्र सूरी जी म ने जैन उपाश्रय में दिए । मुनि श्री हितेश विजय जी ने प्रवचन देते हुए कहा कि मानव जीवन का श्रेष्ठ कर्म माता पिता की सेवा है जो इनकी सेवा नही करते उनकी पूजा भगवान भी स्वीकार नही करते। क़ुक्षी नगर पर दादा गुरुदेव श्रीमद राजेंद्रसूरीश्वर जी की असीम कृपा है एक दृष्टांत देते हुए बताया कि पूज्य गुरुदेव क़ुक्षी श्रीसंघ से शास्त्रार्थ करते थे। आचार्य श्री ऋषभचंद्र सूरी जी एवम साथ साधुमण्डल ,साध्वी मंडल सहित का आज प्रातः क़ुक्षी नगर में मंगल प्रवेश हुआ नगर प्रवेश पर संघरत्न श्री मनोहर लाल पौराणिक एवम श्री संघ अध्यक्ष श्री संतोषलाल जैन सहित वरिष्ठजनो ने अगवानी की। आचार्य श्री को वरघोड़ा सहित महेश डूंगरवाल के निवास से नगर के पांचों जिनमंदिर ले जाया गया नगर में तोरण द्वार लगाकर एवम गहुली कर आचार्य श्री का स्वागत किया गया शोभा यात्रा जैन उपाश्रय पर धर्मसभा में परिवर्तित हो गई।जहा आचार्य श्री का सविधि वंदन किया गया प्रातः की नवकारसी के लाभार्थी श्री रतनलाल मांगीलाल डूंगरवाल परिवार, सुबह का स्वामीवात्सल्य चंद्रभान जी विशाल कुमार मंडलेचा परिवार एवम संध्या का स्वामीवात्सल्य प्रवीण कुमार जयंतीलाल जैन ( टांडा वाला) की ओर से किया गया । धर्म सभा का संचालन संघरत्न श्री मनोहर लाल पौराणिक ने किया।

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