आदिवासी किसान का बेटा संजय बना अफसर

• बिना महंगी कोचिंग के घर पर ही रहकर की तैयारी

कुक्षी । कौन कहता है आसमान में सुराग नही होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो ! इसी शब्द को साकार किया है तहसील के छोटे से ग्राम चिकली के आदिवासी कृषक श्री खुमानसिंह तड़वला के पुत्र संजयसिंह तड़वला (टैगोर) ने जिन्होंने म०प्र० लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी परीक्षा 2015 में सफलता पाई है । उक्त प्रतिष्ठापूर्ण पद की परीक्षा की तैयारी संजय ने बिना मंहगी कोचिंग के घर पर ही रहकर की है । तथा संजय ने उस भ्रम को भी तोडा, की ऐसी परीक्षा की तैयारी बड़े शहर में ही रहकर मंहगी चोचिंगो के माध्यम से ही हो सकती है । संजय की इस उपलब्धि से पूरे गांव के लोग, मित्रगण, रिश्तेदारों और परिजनों में खुशी का माहौल है । संजय ने बताया कि यहां तक पहुंचाने में किसान पिता श्री खुमानसिंह एवं गृहणी माँ श्रीमती नुरीबाई के साथ एडीपीओ अकरम मंसूरी का खास योगदान रहा है । संजय ने परीक्षा के दौरान एडीपीओ अकरम मंसूरी के द्वारा मिले मार्गदर्शन को भी सफलता का सूत्र बताया है । संजय की इस सफलता पर माता-पिता, परिजन एवं मप्र जयस प्रवक्ता महेन्द्र कन्नौज, राजू टेगौर, कमलेश सोलंकी, दिनेश कुल्हारे, निरपाल बघेल, जयपाल (जेपी) टेगौर, लोकेश मुझाल्दा, चेतन अ. पटेल, विनय सोलंकी, अंतिम मुझाल्दा आदि इष्ट मित्रो ख़ुशी जाहिर करते हुये बधाई दी है । उन्होंने कहा कि परिवार और रिश्तेदारों के संस्कार व सहयोग से जीवन में कोई कार्य कठिन नहीं होता है ।

युवाओ के नाम संजय टेगौर का सन्देश :- एडीपीओ संजय टैगोरे इस महत्वपूर्ण पद प्राप्त करने के बाद युवाओ से कहना चाहते है की जिंदगी के हर कदम पर हमें परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बिना परेशानी के ज़िन्दगी की कल्पना भी नहीं की जा सकती । लेकिन परेशानी छोटी हो या बड़ी इंसान को अपने हौसले बुलंद रखने होते है । कहते हैं बुलंद हौसलों के आगे बड़े-बड़े पहाड़ झुक जाते हैं । बस आगे बढ़ने की हिम्मत के साथ चुनौतियों से लड़ने का जज्बा होना चाहिए । कड़ी मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है ।

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